दैनिक पंचांग
सोमवार, 15 नवंबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण प्रतिपदा, 07:28 तक फिर कृष्ण द्वितीया, 16 नवंबर, 05:41 तक फिर कृष्ण तृतीया, 17 नवंबर, 03:42 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका, 07:06 तक फिर रोहिणी, 16 नवंबर, 06:00 तक फिर मृगशिरा, 17 नवंबर, 04:42 तक |
| योग | परिघ, 15:21 तक फिर शिव, 16 नवंबर, 12:39 तक |
| करण | कौलव, 07:28 तक फिर तैतिल, 18:37 तक फिर गर, 16 नवंबर, 05:41 तक फिर वणिज, 16 नवंबर, 16:43 तक |
| वार | सोमवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:27 |
| चंद्रोदय | 18:16 |
| चंद्रास्त | 07:52 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | वृषभ |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | कार्तिक |
| मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 08:03 – 09:24 |
|---|---|
| यमगंड | 10:44 – 12:05 |
| गुलिक काल | 13:26 – 14:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 – 12:26 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| अमृत | 06:43 – 08:03 | शुभ |
|---|---|---|
| काल | 08:03 – 09:24 | त्यागें |
| शुभ | 09:24 – 10:44 | शुभ |
| रोग | 10:44 – 12:05 | त्यागें |
| उद्वेग | 12:05 – 13:26 | त्यागें |
| चर | 13:26 – 14:46 | सम |
| लाभ | 14:46 – 16:07 | शुभ |
| अमृत | 16:07 – 17:27 | शुभ |
रात का चौघड़िया
| चर | 17:27 – 19:07 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:07 – 20:46 | त्यागें |
| काल | 20:46 – 22:26 | त्यागें |
| लाभ | 22:26 – 00:05 | शुभ |
| उद्वेग | 00:05 – 01:45 | त्यागें |
| शुभ | 01:45 – 03:24 | शुभ |
| अमृत | 03:24 – 05:04 | शुभ |
| चर | 05:04 – 06:43 | सम |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।