जन्म कुण्डली Janma Kundli

दैनिक पंचांग

बुधवार, 17 नवंबर 2027

New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata

पंचांग के पांच अंग

सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।

तिथि
कृष्ण चतुर्थी, 18 नवंबर, 01:35 तक
फिर कृष्ण पंचमी, 18 नवंबर, 23:27 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 18 नवंबर, 03:18 तक
फिर पुनर्वसु, 19 नवंबर, 01:52 तक
योग
सिद्ध, 09:48 तक
फिर साध्य, 18 नवंबर, 06:53 तक
करण
बव, 14:39 तक
फिर बालव, 18 नवंबर, 01:35 तक
फिर कौलव, 18 नवंबर, 12:31 तक
वार
बुधवार

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:44
सूर्यास्त17:27
चंद्रोदय20:21
चंद्रास्त09:55
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिमिथुन

हिंदू पंचांग

पक्षकृष्ण
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष
विक्रम संवत2084
शक संवत1949 · प्लवंग

शुभ और अशुभ समय

राहु काल12:05 – 13:26
यमगंड08:04 – 09:25
गुलिक काल10:45 – 12:05
अभिजित मुहूर्त11:44 – 12:27 (परंपरा में बुधवार को त्याज्य)

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।

दिन का चौघड़िया

लाभ06:44 – 08:04शुभ
अमृत08:04 – 09:25शुभ
काल09:25 – 10:45त्यागें
शुभ10:45 – 12:05शुभ
रोग12:05 – 13:26त्यागें
उद्वेग13:26 – 14:46त्यागें
चर14:46 – 16:06सम
लाभ16:06 – 17:27शुभ

रात का चौघड़िया

उद्वेग17:27 – 19:06त्यागें
शुभ19:06 – 20:46शुभ
अमृत20:46 – 22:26शुभ
चर22:26 – 00:06सम
रोग00:06 – 01:46त्यागें
काल01:46 – 03:25त्यागें
लाभ03:25 – 05:05शुभ
उद्वेग05:05 – 06:45त्यागें

समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।