दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 19 नवंबर 2027
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांग के पांच अंग
सूर्योदय के समय; हर एक दिखाए गए समय तक रहता है।
| तिथि | कृष्ण षष्ठी, 21:20 तक फिर कृष्ण सप्तमी, 20 नवंबर, 19:17 तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य, 20 नवंबर, 00:27 तक फिर आश्लेषा, 20 नवंबर, 23:07 तक |
| योग | शुक्ल, 20 नवंबर, 01:03 तक फिर ब्रह्म, 20 नवंबर, 22:12 तक |
| करण | गर, 10:23 तक फिर वणिज, 21:20 तक फिर विष्टि, 20 नवंबर, 08:18 तक |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:26 |
| चंद्रोदय | 22:36 |
| चंद्रास्त | 11:35 |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र राशि | कर्क |
हिंदू पंचांग
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| मास (अमांत) | कार्तिक |
| मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष |
| विक्रम संवत | 2084 |
| शक संवत | 1949 · प्लवंग |
शुभ और अशुभ समय
| राहु काल | 10:46 – 12:06 |
|---|---|
| यमगंड | 14:46 – 16:06 |
| गुलिक काल | 08:06 – 09:26 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 – 12:27 |
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवां भाग हैं और परंपरा में नए कार्य आरंभ करने के लिए इनसे बचा जाता है; दोपहर के आसपास का अभिजित मुहूर्त शुभ है।
दिन का चौघड़िया
| चर | 06:46 – 08:06 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 08:06 – 09:26 | शुभ |
| अमृत | 09:26 – 10:46 | शुभ |
| काल | 10:46 – 12:06 | त्यागें |
| शुभ | 12:06 – 13:26 | शुभ |
| रोग | 13:26 – 14:46 | त्यागें |
| उद्वेग | 14:46 – 16:06 | त्यागें |
| चर | 16:06 – 17:26 | सम |
रात का चौघड़िया
| रोग | 17:26 – 19:06 | त्यागें |
|---|---|---|
| काल | 19:06 – 20:46 | त्यागें |
| लाभ | 20:46 – 22:26 | शुभ |
| उद्वेग | 22:26 – 00:06 | त्यागें |
| शुभ | 00:06 – 01:46 | शुभ |
| अमृत | 01:46 – 03:26 | शुभ |
| चर | 03:26 – 05:06 | सम |
| रोग | 05:06 – 06:47 | त्यागें |
समय चुने गए स्थान की स्थानीय घड़ी के अनुसार हैं। गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिड़ी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और सामान्य अपवर्तन के साथ।