दैनिक पंचांग
मंगळवार, 30 डिसेंबर 2025
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल दशमी, 07:51 पर्यंत नंतर शुक्ल एकादशी, 31 डिसेंबर, 05:01 पर्यंत नंतर शुक्ल द्वादशी, 1 जानेवारी, 01:48 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी, 31 डिसेंबर, 03:58 पर्यंत नंतर कृत्तिका, 1 जानेवारी, 01:30 पर्यंत |
| योग | सिद्ध, 31 डिसेंबर, 01:02 पर्यंत नंतर साध्य, 31 डिसेंबर, 21:13 पर्यंत |
| करण | गर, 07:51 पर्यंत नंतर वणिज, 18:29 पर्यंत नंतर विष्टी, 31 डिसेंबर, 05:01 पर्यंत नंतर बव, 31 डिसेंबर, 15:26 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:34 |
| चंद्रोदय | 13:33 |
| चंद्रास्त | 31 डिसेंबर, 03:42 |
| सूर्य रास | धनु |
| चंद्र रास | मेष |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | पौष |
| महिना (पौर्णिमांत) | पौष |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शके | 1947 · विश्वावसू |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:59 – 16:16 |
|---|---|
| यमगंड | 09:48 – 11:06 |
| गुलिक काळ | 12:23 – 13:41 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:02 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 07:13 – 08:30 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 08:30 – 09:48 | टाळा |
| चर | 09:48 – 11:06 | सम |
| लाभ | 11:06 – 12:23 | शुभ |
| अमृत | 12:23 – 13:41 | शुभ |
| काळ | 13:41 – 14:59 | टाळा |
| शुभ | 14:59 – 16:16 | शुभ |
| रोग | 16:16 – 17:34 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 17:34 – 19:16 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 19:16 – 20:59 | शुभ |
| उद्वेग | 20:59 – 22:41 | टाळा |
| शुभ | 22:41 – 00:23 | शुभ |
| अमृत | 00:23 – 02:06 | शुभ |
| चर | 02:06 – 03:48 | सम |
| रोग | 03:48 – 05:30 | टाळा |
| काळ | 05:30 – 07:13 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.