दैनिक पंचांग
बुधवार, 4 फेब्रुवारी 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण तृतीया, 5 फेब्रुवारी, 00:10 पर्यंत नंतर कृष्ण चतुर्थी, 6 फेब्रुवारी, 00:22 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 22:12 पर्यंत नंतर उत्तरा फाल्गुनी, 5 फेब्रुवारी, 22:57 पर्यंत |
| योग | अतिगंड, 5 फेब्रुवारी, 01:04 पर्यंत नंतर सुकर्मा, 6 फेब्रुवारी, 00:04 पर्यंत |
| करण | वणिज, 12:20 पर्यंत नंतर विष्टी, 5 फेब्रुवारी, 00:10 पर्यंत नंतर बव, 5 फेब्रुवारी, 12:10 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:02 |
| चंद्रोदय | 20:37 |
| चंद्रास्त | 08:35 |
| सूर्य रास | मकर |
| चंद्र रास | सिंह, 5 फेब्रुवारी, 04:20; नंतर कन्या, 7 फेब्रुवारी, 13:22 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | माघ |
| महिना (पौर्णिमांत) | फाल्गुन |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शके | 1947 · विश्वावसू |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:35 – 13:57 |
|---|---|
| यमगंड | 08:29 – 09:51 |
| गुलिक काळ | 11:13 – 12:35 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:13 – 12:57 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 07:07 – 08:29 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 08:29 – 09:51 | शुभ |
| काळ | 09:51 – 11:13 | टाळा |
| शुभ | 11:13 – 12:35 | शुभ |
| रोग | 12:35 – 13:57 | टाळा |
| उद्वेग | 13:57 – 15:19 | टाळा |
| चर | 15:19 – 16:40 | सम |
| लाभ | 16:40 – 18:02 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:02 – 19:40 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:40 – 21:18 | शुभ |
| अमृत | 21:18 – 22:56 | शुभ |
| चर | 22:56 – 00:34 | सम |
| रोग | 00:34 – 02:12 | टाळा |
| काळ | 02:12 – 03:50 | टाळा |
| लाभ | 03:50 – 05:28 | शुभ |
| उद्वेग | 05:28 – 07:06 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.