दैनिक पंचांग
शनिवार, 14 फेब्रुवारी 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण द्वादशी, 16:02 पर्यंत नंतर कृष्ण त्रयोदशी, 15 फेब्रुवारी, 17:05 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा, 18:16 पर्यंत नंतर उत्तराषाढा, 15 फेब्रुवारी, 19:48 पर्यंत |
| योग | सिद्धी, 15 फेब्रुवारी, 03:17 पर्यंत नंतर व्यतीपात, 16 फेब्रुवारी, 02:46 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 16:02 पर्यंत नंतर गर, 15 फेब्रुवारी, 04:37 पर्यंत नंतर वणिज, 15 फेब्रुवारी, 17:05 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:10 |
| चंद्रोदय | 15 फेब्रुवारी, 05:36 |
| चंद्रास्त | 15:07 |
| सूर्य रास | कुंभ |
| चंद्र रास | धनु, 15 फेब्रुवारी, 00:42; नंतर मकर, 17 फेब्रुवारी, 09:05 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | माघ |
| महिना (पौर्णिमांत) | फाल्गुन |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शके | 1947 · विश्वावसू |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:47 – 11:11 |
|---|---|
| यमगंड | 13:59 – 15:23 |
| गुलिक काळ | 07:00 – 08:24 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:13 – 12:57 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 07:00 – 08:24 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 08:24 – 09:47 | शुभ |
| रोग | 09:47 – 11:11 | टाळा |
| उद्वेग | 11:11 – 12:35 | टाळा |
| चर | 12:35 – 13:59 | सम |
| लाभ | 13:59 – 15:23 | शुभ |
| अमृत | 15:23 – 16:46 | शुभ |
| काळ | 16:46 – 18:10 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 18:10 – 19:46 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 19:46 – 21:22 | टाळा |
| शुभ | 21:22 – 22:58 | शुभ |
| अमृत | 22:58 – 00:35 | शुभ |
| चर | 00:35 – 02:11 | सम |
| रोग | 02:11 – 03:47 | टाळा |
| काळ | 03:47 – 05:23 | टाळा |
| लाभ | 05:23 – 06:59 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.