दैनिक पंचांग
रविवार, 1 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी, 19:09 पर्यंत नंतर शुक्ल चतुर्दशी, 2 मार्च, 17:56 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य, 08:34 पर्यंत नंतर आश्लेषा, 2 मार्च, 07:51 पर्यंत |
| योग | शोभन, 14:33 पर्यंत नंतर अतिगंड, 2 मार्च, 12:19 पर्यंत |
| करण | कौलव, 07:54 पर्यंत नंतर तैतिल, 19:09 पर्यंत नंतर गर, 2 मार्च, 06:30 पर्यंत नंतर वणिज, 2 मार्च, 17:56 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:21 |
| चंद्रोदय | 16:16 |
| चंद्रास्त | 2 मार्च, 05:59 |
| सूर्य रास | कुंभ |
| चंद्र रास | कर्क |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | फाल्गुन |
| महिना (पौर्णिमांत) | फाल्गुन |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शके | 1947 · विश्वावसू |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 16:54 – 18:21 |
|---|---|
| यमगंड | 12:33 – 14:00 |
| गुलिक काळ | 15:27 – 16:54 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:10 – 12:56 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 06:46 – 08:13 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 08:13 – 09:39 | सम |
| लाभ | 09:39 – 11:06 | शुभ |
| अमृत | 11:06 – 12:33 | शुभ |
| काळ | 12:33 – 14:00 | टाळा |
| शुभ | 14:00 – 15:27 | शुभ |
| रोग | 15:27 – 16:54 | टाळा |
| उद्वेग | 16:54 – 18:21 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 18:21 – 19:54 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 19:54 – 21:27 | शुभ |
| चर | 21:27 – 23:00 | सम |
| रोग | 23:00 – 00:33 | टाळा |
| काळ | 00:33 – 02:06 | टाळा |
| लाभ | 02:06 – 03:39 | शुभ |
| उद्वेग | 03:39 – 05:12 | टाळा |
| शुभ | 05:12 – 06:45 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.