दैनिक पंचांग
बुधवार, 4 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा, 16:49 पर्यंत नंतर कृष्ण द्वितीया, 5 मार्च, 17:04 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी, 07:39 पर्यंत नंतर उत्तरा फाल्गुनी, 5 मार्च, 08:17 पर्यंत |
| योग | धृती, 08:52 पर्यंत नंतर शूल, 5 मार्च, 07:45 पर्यंत |
| करण | कौलव, 16:49 पर्यंत नंतर तैतिल, 5 मार्च, 04:52 पर्यंत नंतर गर, 5 मार्च, 17:04 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:22 |
| चंद्रोदय | 19:20 |
| चंद्रास्त | 07:03 |
| सूर्य रास | कुंभ |
| चंद्र रास | सिंह, 13:45; नंतर कन्या, 6 मार्च, 22:18 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | फाल्गुन |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शके | 1947 · विश्वावसू |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:33 – 14:00 |
|---|---|
| यमगंड | 08:10 – 09:38 |
| गुलिक काळ | 11:05 – 12:33 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:09 – 12:56 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:43 – 08:10 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 08:10 – 09:38 | शुभ |
| काळ | 09:38 – 11:05 | टाळा |
| शुभ | 11:05 – 12:33 | शुभ |
| रोग | 12:33 – 14:00 | टाळा |
| उद्वेग | 14:00 – 15:28 | टाळा |
| चर | 15:28 – 16:55 | सम |
| लाभ | 16:55 – 18:22 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:22 – 19:55 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:55 – 21:27 | शुभ |
| अमृत | 21:27 – 23:00 | शुभ |
| चर | 23:00 – 00:32 | सम |
| रोग | 00:32 – 02:04 | टाळा |
| काळ | 02:04 – 03:37 | टाळा |
| लाभ | 03:37 – 05:09 | शुभ |
| उद्वेग | 05:09 – 06:42 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.