दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 13 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण दशमी, 14 मार्च, 08:11 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा, 14 मार्च, 03:03 पर्यंत नंतर उत्तराषाढा, 15 मार्च, 04:49 पर्यंत |
| योग | व्यतीपात, 10:31 पर्यंत नंतर वरीयान, 14 मार्च, 10:42 पर्यंत |
| करण | वणिज, 19:24 पर्यंत नंतर विष्टी, 14 मार्च, 08:11 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:33 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:28 |
| चंद्रोदय | 14 मार्च, 03:29 |
| चंद्रास्त | 12:53 |
| सूर्य रास | कुंभ |
| चंद्र रास | धनु |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | फाल्गुन |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शके | 1947 · विश्वावसू |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 11:01 – 12:30 |
|---|---|
| यमगंड | 15:29 – 16:59 |
| गुलिक काळ | 08:02 – 09:32 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:06 – 12:54 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 06:33 – 08:02 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 08:02 – 09:32 | शुभ |
| अमृत | 09:32 – 11:01 | शुभ |
| काळ | 11:01 – 12:30 | टाळा |
| शुभ | 12:30 – 14:00 | शुभ |
| रोग | 14:00 – 15:29 | टाळा |
| उद्वेग | 15:29 – 16:59 | टाळा |
| चर | 16:59 – 18:28 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 18:28 – 19:58 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 19:58 – 21:29 | टाळा |
| लाभ | 21:29 – 22:59 | शुभ |
| उद्वेग | 22:59 – 00:30 | टाळा |
| शुभ | 00:30 – 02:00 | शुभ |
| अमृत | 02:00 – 03:31 | शुभ |
| चर | 03:31 – 05:01 | सम |
| रोग | 05:01 – 06:32 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.