दैनिक पंचांग
बुधवार, 18 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी, 08:25 पर्यंत नंतर अमावास्या, 19 मार्च, 06:53 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा, 19 मार्च, 05:21 पर्यंत नंतर उत्तरा भाद्रपदा, 20 मार्च, 04:05 पर्यंत |
| योग | शुभ, 19 मार्च, 04:01 पर्यंत नंतर शुक्ल, 20 मार्च, 01:17 पर्यंत |
| करण | शकुनी, 08:25 पर्यंत नंतर चतुष्पाद, 19:43 पर्यंत नंतर नाग, 19 मार्च, 06:53 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:31 |
| चंद्रोदय | 19 मार्च, 06:23 |
| चंद्रास्त | 17:55 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | कुंभ, 23:36; नंतर मीन, 21 मार्च, 02:27 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | फाल्गुन |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2082 |
| शके | 1947 · विश्वावसू |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:29 – 13:59 |
|---|---|
| यमगंड | 07:57 – 09:28 |
| गुलिक काळ | 10:58 – 12:29 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:05 – 12:53 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:27 – 07:57 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:57 – 09:28 | शुभ |
| काळ | 09:28 – 10:58 | टाळा |
| शुभ | 10:58 – 12:29 | शुभ |
| रोग | 12:29 – 13:59 | टाळा |
| उद्वेग | 13:59 – 15:30 | टाळा |
| चर | 15:30 – 17:00 | सम |
| लाभ | 17:00 – 18:31 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:31 – 20:00 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 20:00 – 21:30 | शुभ |
| अमृत | 21:30 – 22:59 | शुभ |
| चर | 22:59 – 00:28 | सम |
| रोग | 00:28 – 01:58 | टाळा |
| काळ | 01:58 – 03:27 | टाळा |
| लाभ | 03:27 – 04:56 | शुभ |
| उद्वेग | 04:56 – 06:26 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.