दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 20 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वितीया, 21 मार्च, 02:31 पर्यंत नंतर शुक्ल तृतीया, 21 मार्च, 23:56 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती, 21 मार्च, 02:27 पर्यंत नंतर अश्विनी, 22 मार्च, 00:37 पर्यंत |
| योग | ब्रह्म, 22:15 पर्यंत नंतर इंद्र, 21 मार्च, 19:01 पर्यंत |
| करण | बालव, 15:44 पर्यंत नंतर कौलव, 21 मार्च, 02:31 पर्यंत नंतर तैतिल, 21 मार्च, 13:15 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:25 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:32 |
| चंद्रोदय | 06:56 |
| चंद्रास्त | 20:02 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | मीन, 21 मार्च, 02:27; नंतर मेष, 23 मार्च, 04:14 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:57 – 12:28 |
|---|---|
| यमगंड | 15:30 – 17:01 |
| गुलिक काळ | 07:56 – 09:27 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:04 – 12:53 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 06:25 – 07:56 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:56 – 09:27 | शुभ |
| अमृत | 09:27 – 10:57 | शुभ |
| काळ | 10:57 – 12:28 | टाळा |
| शुभ | 12:28 – 13:59 | शुभ |
| रोग | 13:59 – 15:30 | टाळा |
| उद्वेग | 15:30 – 17:01 | टाळा |
| चर | 17:01 – 18:32 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 18:32 – 20:01 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 20:01 – 21:30 | टाळा |
| लाभ | 21:30 – 22:59 | शुभ |
| उद्वेग | 22:59 – 00:28 | टाळा |
| शुभ | 00:28 – 01:57 | शुभ |
| अमृत | 01:57 – 03:26 | शुभ |
| चर | 03:26 – 04:55 | सम |
| रोग | 04:55 – 06:24 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.