दैनिक पंचांग
सोमवार, 30 मार्च 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वादशी, 07:10 पर्यंत नंतर शुक्ल त्रयोदशी, 31 मार्च, 06:56 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा, 14:48 पर्यंत नंतर पूर्वा फाल्गुनी, 31 मार्च, 15:21 पर्यंत |
| योग | शूल, 16:51 पर्यंत नंतर गंड, 31 मार्च, 15:41 पर्यंत |
| करण | बालव, 07:10 पर्यंत नंतर कौलव, 19:00 पर्यंत नंतर तैतिल, 31 मार्च, 06:56 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:38 |
| चंद्रोदय | 16:11 |
| चंद्रास्त | 31 मार्च, 05:03 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | सिंह |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | चैत्र |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:46 – 09:19 |
|---|---|
| यमगंड | 10:52 – 12:25 |
| गुलिक काळ | 13:58 – 15:31 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 – 12:50 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 06:13 – 07:46 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:46 – 09:19 | टाळा |
| शुभ | 09:19 – 10:52 | शुभ |
| रोग | 10:52 – 12:25 | टाळा |
| उद्वेग | 12:25 – 13:58 | टाळा |
| चर | 13:58 – 15:31 | सम |
| लाभ | 15:31 – 17:05 | शुभ |
| अमृत | 17:05 – 18:38 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 18:38 – 20:04 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:04 – 21:31 | टाळा |
| काळ | 21:31 – 22:58 | टाळा |
| लाभ | 22:58 – 00:25 | शुभ |
| उद्वेग | 00:25 – 01:52 | टाळा |
| शुभ | 01:52 – 03:18 | शुभ |
| अमृत | 03:18 – 04:45 | शुभ |
| चर | 04:45 – 06:12 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.