दैनिक पंचांग
मंगळवार, 7 एप्रिल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण पंचमी, 16:35 पर्यंत नंतर कृष्ण षष्ठी, 8 एप्रिल, 19:02 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा, 8 एप्रिल, 05:54 पर्यंत नंतर मूळ, 9 एप्रिल, 08:48 पर्यंत |
| योग | व्यतीपात, 16:16 पर्यंत नंतर वरीयान, 8 एप्रिल, 17:10 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 16:35 पर्यंत नंतर गर, 8 एप्रिल, 05:48 पर्यंत नंतर वणिज, 8 एप्रिल, 19:02 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:04 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:42 |
| चंद्रोदय | 23:45 |
| चंद्रास्त | 09:00 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | वृश्चिक, 8 एप्रिल, 05:54; नंतर धनु, 10 एप्रिल, 18:04 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:33 – 17:07 |
|---|---|
| यमगंड | 09:14 – 10:48 |
| गुलिक काळ | 12:23 – 13:58 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:48 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:04 – 07:39 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:39 – 09:14 | टाळा |
| चर | 09:14 – 10:48 | सम |
| लाभ | 10:48 – 12:23 | शुभ |
| अमृत | 12:23 – 13:58 | शुभ |
| काळ | 13:58 – 15:33 | टाळा |
| शुभ | 15:33 – 17:07 | शुभ |
| रोग | 17:07 – 18:42 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 18:42 – 20:07 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 20:07 – 21:32 | शुभ |
| उद्वेग | 21:32 – 22:57 | टाळा |
| शुभ | 22:57 – 00:22 | शुभ |
| अमृत | 00:22 – 01:48 | शुभ |
| चर | 01:48 – 03:13 | सम |
| रोग | 03:13 – 04:38 | टाळा |
| काळ | 04:38 – 06:03 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.