दैनिक पंचांग
शनिवार, 11 एप्रिल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण नवमी, 12 एप्रिल, 00:38 पर्यंत नंतर कृष्ण दशमी, 13 एप्रिल, 01:17 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा, 13:40 पर्यंत नंतर श्रवण, 12 एप्रिल, 15:14 पर्यंत |
| योग | सिद्ध, 18:39 पर्यंत नंतर साध्य, 12 एप्रिल, 18:15 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 12:01 पर्यंत नंतर गर, 12 एप्रिल, 00:38 पर्यंत नंतर वणिज, 12 एप्रिल, 13:03 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:44 |
| चंद्रोदय | 12 एप्रिल, 02:42 |
| चंद्रास्त | 12:38 |
| सूर्य रास | मीन |
| चंद्र रास | मकर |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:11 – 10:46 |
|---|---|
| यमगंड | 13:58 – 15:33 |
| गुलिक काळ | 06:00 – 07:35 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:56 – 12:47 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 06:00 – 07:35 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:35 – 09:11 | शुभ |
| रोग | 09:11 – 10:46 | टाळा |
| उद्वेग | 10:46 – 12:22 | टाळा |
| चर | 12:22 – 13:58 | सम |
| लाभ | 13:58 – 15:33 | शुभ |
| अमृत | 15:33 – 17:09 | शुभ |
| काळ | 17:09 – 18:44 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 18:44 – 20:09 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:09 – 21:33 | टाळा |
| शुभ | 21:33 – 22:57 | शुभ |
| अमृत | 22:57 – 00:21 | शुभ |
| चर | 00:21 – 01:46 | सम |
| रोग | 01:46 – 03:10 | टाळा |
| काळ | 03:10 – 04:34 | टाळा |
| लाभ | 04:34 – 05:58 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.