दैनिक पंचांग
बुधवार, 15 एप्रिल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी, 22:31 पर्यंत नंतर कृष्ण चतुर्दशी, 16 एप्रिल, 20:11 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा, 15:22 पर्यंत नंतर उत्तरा भाद्रपदा, 16 एप्रिल, 13:59 पर्यंत |
| योग | ब्रह्म, 13:25 पर्यंत नंतर इंद्र, 16 एप्रिल, 10:37 पर्यंत |
| करण | गर, 11:27 पर्यंत नंतर वणिज, 22:31 पर्यंत नंतर विष्टी, 16 एप्रिल, 09:26 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:55 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:47 |
| चंद्रोदय | 16 एप्रिल, 04:51 |
| चंद्रास्त | 16:39 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | कुंभ, 09:37; नंतर मीन, 17 एप्रिल, 12:02 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | चैत्र |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:21 – 13:57 |
|---|---|
| यमगंड | 07:32 – 09:08 |
| गुलिक काळ | 10:45 – 12:21 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:55 – 12:47 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 05:55 – 07:32 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:32 – 09:08 | शुभ |
| काळ | 09:08 – 10:45 | टाळा |
| शुभ | 10:45 – 12:21 | शुभ |
| रोग | 12:21 – 13:57 | टाळा |
| उद्वेग | 13:57 – 15:34 | टाळा |
| चर | 15:34 – 17:10 | सम |
| लाभ | 17:10 – 18:47 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:47 – 20:10 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 20:10 – 21:33 | शुभ |
| अमृत | 21:33 – 22:57 | शुभ |
| चर | 22:57 – 00:20 | सम |
| रोग | 00:20 – 01:44 | टाळा |
| काळ | 01:44 – 03:07 | टाळा |
| लाभ | 03:07 – 04:31 | शुभ |
| उद्वेग | 04:31 – 05:54 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.