दैनिक पंचांग
शनिवार, 18 एप्रिल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा, 14:11 पर्यंत नंतर शुक्ल द्वितीया, 19 एप्रिल, 10:49 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी, 09:42 पर्यंत नंतर भरणी, 19 एप्रिल, 07:10 पर्यंत |
| योग | प्रीती, 23:56 पर्यंत नंतर आयुष्मान, 19 एप्रिल, 20:02 पर्यंत |
| करण | बव, 14:11 पर्यंत नंतर बालव, 19 एप्रिल, 00:31 पर्यंत नंतर कौलव, 19 एप्रिल, 10:49 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:48 |
| चंद्रोदय | 06:03 |
| चंद्रास्त | 20:00 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | मेष |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:06 – 10:43 |
|---|---|
| यमगंड | 13:57 – 15:34 |
| गुलिक काळ | 05:52 – 07:29 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:54 – 12:46 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 05:52 – 07:29 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:29 – 09:06 | शुभ |
| रोग | 09:06 – 10:43 | टाळा |
| उद्वेग | 10:43 – 12:20 | टाळा |
| चर | 12:20 – 13:57 | सम |
| लाभ | 13:57 – 15:34 | शुभ |
| अमृत | 15:34 – 17:11 | शुभ |
| काळ | 17:11 – 18:48 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 18:48 – 20:11 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:11 – 21:34 | टाळा |
| शुभ | 21:34 – 22:57 | शुभ |
| अमृत | 22:57 – 00:20 | शुभ |
| चर | 00:20 – 01:43 | सम |
| रोग | 01:43 – 03:05 | टाळा |
| काळ | 03:05 – 04:28 | टाळा |
| लाभ | 04:28 – 05:51 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.