दैनिक पंचांग
रविवार, 19 एप्रिल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वितीया, 10:49 पर्यंत नंतर शुक्ल तृतीया, 20 एप्रिल, 07:28 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी, 07:10 पर्यंत नंतर कृत्तिका, 20 एप्रिल, 04:35 पर्यंत नंतर रोहिणी, 21 एप्रिल, 02:08 पर्यंत |
| योग | आयुष्मान, 20:02 पर्यंत नंतर सौभाग्य, 20 एप्रिल, 16:11 पर्यंत |
| करण | कौलव, 10:49 पर्यंत नंतर तैतिल, 21:08 पर्यंत नंतर गर, 20 एप्रिल, 07:28 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:49 |
| चंद्रोदय | 06:47 |
| चंद्रास्त | 21:13 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | मेष, 12:31; नंतर वृषभ, 21 एप्रिल, 13:00 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 17:12 – 18:49 |
|---|---|
| यमगंड | 12:20 – 13:57 |
| गुलिक काळ | 15:34 – 17:12 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:54 – 12:46 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 05:51 – 07:28 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 07:28 – 09:06 | सम |
| लाभ | 09:06 – 10:43 | शुभ |
| अमृत | 10:43 – 12:20 | शुभ |
| काळ | 12:20 – 13:57 | टाळा |
| शुभ | 13:57 – 15:34 | शुभ |
| रोग | 15:34 – 17:12 | टाळा |
| उद्वेग | 17:12 – 18:49 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 18:49 – 20:12 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 20:12 – 21:34 | शुभ |
| चर | 21:34 – 22:57 | सम |
| रोग | 22:57 – 00:19 | टाळा |
| काळ | 00:19 – 01:42 | टाळा |
| लाभ | 01:42 – 03:05 | शुभ |
| उद्वेग | 03:05 – 04:27 | टाळा |
| शुभ | 04:27 – 05:50 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.