दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 24 एप्रिल 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल अष्टमी, 19:22 पर्यंत नंतर शुक्ल नवमी, 25 एप्रिल, 18:28 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य, 20:14 पर्यंत नंतर आश्लेषा, 25 एप्रिल, 20:04 पर्यंत |
| योग | शूल, 25 एप्रिल, 01:24 पर्यंत नंतर गंड, 25 एप्रिल, 23:43 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 08:01 पर्यंत नंतर बव, 19:22 पर्यंत नंतर बालव, 25 एप्रिल, 06:51 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:52 |
| चंद्रोदय | 12:00 |
| चंद्रास्त | 25 एप्रिल, 02:00 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | कर्क |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:41 – 12:19 |
|---|---|
| यमगंड | 15:35 – 17:14 |
| गुलिक काळ | 07:24 – 09:03 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:53 – 12:45 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 05:46 – 07:24 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:24 – 09:03 | शुभ |
| अमृत | 09:03 – 10:41 | शुभ |
| काळ | 10:41 – 12:19 | टाळा |
| शुभ | 12:19 – 13:57 | शुभ |
| रोग | 13:57 – 15:35 | टाळा |
| उद्वेग | 15:35 – 17:14 | टाळा |
| चर | 17:14 – 18:52 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 18:52 – 20:13 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 20:13 – 21:35 | टाळा |
| लाभ | 21:35 – 22:57 | शुभ |
| उद्वेग | 22:57 – 00:19 | टाळा |
| शुभ | 00:19 – 01:40 | शुभ |
| अमृत | 01:40 – 03:02 | शुभ |
| चर | 03:02 – 04:24 | सम |
| रोग | 04:24 – 05:45 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.