दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 1 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | पौर्णिमा, 22:53 पर्यंत नंतर कृष्ण प्रतिपदा, 3 मे, 00:50 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती, 2 मे, 04:35 पर्यंत नंतर विशाखा, 3 मे, 07:10 पर्यंत |
| योग | सिद्धी, 21:13 पर्यंत नंतर व्यतीपात, 2 मे, 21:44 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 10:00 पर्यंत नंतर बव, 22:53 पर्यंत नंतर बालव, 2 मे, 11:49 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:40 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:56 |
| चंद्रोदय | 18:47 |
| चंद्रास्त | 2 मे, 05:36 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | तूळ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | वैशाख |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:38 – 12:18 |
|---|---|
| यमगंड | 15:37 – 17:16 |
| गुलिक काळ | 07:19 – 08:59 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 05:40 – 07:19 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:19 – 08:59 | शुभ |
| अमृत | 08:59 – 10:38 | शुभ |
| काळ | 10:38 – 12:18 | टाळा |
| शुभ | 12:18 – 13:57 | शुभ |
| रोग | 13:57 – 15:37 | टाळा |
| उद्वेग | 15:37 – 17:16 | टाळा |
| चर | 17:16 – 18:56 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 18:56 – 20:16 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 20:16 – 21:37 | टाळा |
| लाभ | 21:37 – 22:57 | शुभ |
| उद्वेग | 22:57 – 00:18 | टाळा |
| शुभ | 00:18 – 01:38 | शुभ |
| अमृत | 01:38 – 02:58 | शुभ |
| चर | 02:58 – 04:19 | सम |
| रोग | 04:19 – 05:39 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.