दैनिक पंचांग
शनिवार, 2 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा, 3 मे, 00:50 पर्यंत नंतर कृष्ण द्वितीया, 4 मे, 03:02 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा, 3 मे, 07:10 पर्यंत |
| योग | व्यतीपात, 21:44 पर्यंत नंतर वरीयान, 3 मे, 22:28 पर्यंत |
| करण | बालव, 11:49 पर्यंत नंतर कौलव, 3 मे, 00:50 पर्यंत नंतर तैतिल, 3 मे, 13:54 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:39 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:57 |
| चंद्रोदय | 19:44 |
| चंद्रास्त | 3 मे, 06:14 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | तूळ, 3 मे, 00:30; नंतर वृश्चिक, 5 मे, 12:54 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 08:58 – 10:38 |
|---|---|
| यमगंड | 13:58 – 15:37 |
| गुलिक काळ | 05:39 – 07:19 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 05:39 – 07:19 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:19 – 08:58 | शुभ |
| रोग | 08:58 – 10:38 | टाळा |
| उद्वेग | 10:38 – 12:18 | टाळा |
| चर | 12:18 – 13:58 | सम |
| लाभ | 13:58 – 15:37 | शुभ |
| अमृत | 15:37 – 17:17 | शुभ |
| काळ | 17:17 – 18:57 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 18:57 – 20:17 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:17 – 21:37 | टाळा |
| शुभ | 21:37 – 22:57 | शुभ |
| अमृत | 22:57 – 00:17 | शुभ |
| चर | 00:17 – 01:38 | सम |
| रोग | 01:38 – 02:58 | टाळा |
| काळ | 02:58 – 04:18 | टाळा |
| लाभ | 04:18 – 05:38 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.