दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 8 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण षष्ठी, 12:22 पर्यंत नंतर कृष्ण सप्तमी, 9 मे, 14:03 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा, 21:20 पर्यंत नंतर श्रवण, 9 मे, 23:24 पर्यंत |
| योग | शुभ, 9 मे, 02:30 पर्यंत नंतर शुक्ल, 10 मे, 02:35 पर्यंत |
| करण | वणिज, 12:22 पर्यंत नंतर विष्टी, 9 मे, 01:16 पर्यंत नंतर बव, 9 मे, 14:03 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:00 |
| चंद्रोदय | 9 मे, 00:39 |
| चंद्रास्त | 10:28 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | मकर |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:37 – 12:17 |
|---|---|
| यमगंड | 15:39 – 17:19 |
| गुलिक काळ | 07:15 – 08:56 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 05:34 – 07:15 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:15 – 08:56 | शुभ |
| अमृत | 08:56 – 10:37 | शुभ |
| काळ | 10:37 – 12:17 | टाळा |
| शुभ | 12:17 – 13:58 | शुभ |
| रोग | 13:58 – 15:39 | टाळा |
| उद्वेग | 15:39 – 17:19 | टाळा |
| चर | 17:19 – 19:00 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 19:00 – 20:19 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 20:19 – 21:39 | टाळा |
| लाभ | 21:39 – 22:58 | शुभ |
| उद्वेग | 22:58 – 00:17 | टाळा |
| शुभ | 00:17 – 01:36 | शुभ |
| अमृत | 01:36 – 02:55 | शुभ |
| चर | 02:55 – 04:15 | सम |
| रोग | 04:15 – 05:34 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.