दैनिक पंचांग
सोमवार, 11 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण नवमी, 15:25 पर्यंत नंतर कृष्ण दशमी, 12 मे, 14:52 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका, 12 मे, 01:28 पर्यंत नंतर पूर्वा भाद्रपदा, 13 मे, 01:17 पर्यंत |
| योग | इंद्र, 12 मे, 01:04 पर्यंत नंतर वैधृती, 12 मे, 23:19 पर्यंत |
| करण | गर, 15:25 पर्यंत नंतर वणिज, 12 मे, 03:15 पर्यंत नंतर विष्टी, 12 मे, 14:52 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:32 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:02 |
| चंद्रोदय | 12 मे, 02:16 |
| चंद्रास्त | 13:22 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | कुंभ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:14 – 08:55 |
|---|---|
| यमगंड | 10:36 – 12:17 |
| गुलिक काळ | 13:58 – 15:40 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 05:32 – 07:14 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:14 – 08:55 | टाळा |
| शुभ | 08:55 – 10:36 | शुभ |
| रोग | 10:36 – 12:17 | टाळा |
| उद्वेग | 12:17 – 13:58 | टाळा |
| चर | 13:58 – 15:40 | सम |
| लाभ | 15:40 – 17:21 | शुभ |
| अमृत | 17:21 – 19:02 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 19:02 – 20:21 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:21 – 21:39 | टाळा |
| काळ | 21:39 – 22:58 | टाळा |
| लाभ | 22:58 – 00:17 | शुभ |
| उद्वेग | 00:17 – 01:36 | टाळा |
| शुभ | 01:36 – 02:54 | शुभ |
| अमृत | 02:54 – 04:13 | शुभ |
| चर | 04:13 – 05:32 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.