दैनिक पंचांग
बुधवार, 13 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण एकादशी, 13:30 पर्यंत नंतर कृष्ण द्वादशी, 14 मे, 11:21 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा, 14 मे, 00:17 पर्यंत नंतर रेवती, 14 मे, 22:34 पर्यंत |
| योग | विष्कुंभ, 20:54 पर्यंत नंतर प्रीती, 14 मे, 17:53 पर्यंत |
| करण | बालव, 13:30 पर्यंत नंतर कौलव, 14 मे, 00:31 पर्यंत नंतर तैतिल, 14 मे, 11:21 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:31 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:03 |
| चंद्रोदय | 14 मे, 03:19 |
| चंद्रास्त | 15:22 |
| सूर्य रास | मेष |
| चंद्र रास | मीन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | वैशाख |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:17 – 13:59 |
|---|---|
| यमगंड | 07:13 – 08:54 |
| गुलिक काळ | 10:36 – 12:17 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 05:31 – 07:13 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:13 – 08:54 | शुभ |
| काळ | 08:54 – 10:36 | टाळा |
| शुभ | 10:36 – 12:17 | शुभ |
| रोग | 12:17 – 13:59 | टाळा |
| उद्वेग | 13:59 – 15:40 | टाळा |
| चर | 15:40 – 17:22 | सम |
| लाभ | 17:22 – 19:03 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 19:03 – 20:22 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 20:22 – 21:40 | शुभ |
| अमृत | 21:40 – 22:58 | शुभ |
| चर | 22:58 – 00:17 | सम |
| रोग | 00:17 – 01:35 | टाळा |
| काळ | 01:35 – 02:54 | टाळा |
| लाभ | 02:54 – 04:12 | शुभ |
| उद्वेग | 04:12 – 05:30 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.