दैनिक पंचांग
रविवार, 17 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा, 21:41 पर्यंत नंतर शुक्ल द्वितीया, 18 मे, 17:53 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका, 14:32 पर्यंत नंतर रोहिणी, 18 मे, 11:32 पर्यंत |
| योग | शोभन, 06:15 पर्यंत नंतर अतिगंड, 18 मे, 01:59 पर्यंत नंतर सुकर्मा, 18 मे, 21:47 पर्यंत |
| करण | किंस्तुघ्न, 11:36 पर्यंत नंतर बव, 21:41 पर्यंत नंतर बालव, 18 मे, 07:46 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:29 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:06 |
| चंद्रोदय | 18 मे, 06:22 |
| चंद्रास्त | 20:02 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | वृषभ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | ज्येष्ठ (अधिक) |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 17:24 – 19:06 |
|---|---|
| यमगंड | 12:17 – 13:59 |
| गुलिक काळ | 15:41 – 17:24 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:44 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 05:29 – 07:11 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 07:11 – 08:53 | सम |
| लाभ | 08:53 – 10:35 | शुभ |
| अमृत | 10:35 – 12:17 | शुभ |
| काळ | 12:17 – 13:59 | टाळा |
| शुभ | 13:59 – 15:41 | शुभ |
| रोग | 15:41 – 17:24 | टाळा |
| उद्वेग | 17:24 – 19:06 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 19:06 – 20:23 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 20:23 – 21:41 | शुभ |
| चर | 21:41 – 22:59 | सम |
| रोग | 22:59 – 00:17 | टाळा |
| काळ | 00:17 – 01:35 | टाळा |
| लाभ | 01:35 – 02:53 | शुभ |
| उद्वेग | 02:53 – 04:10 | टाळा |
| शुभ | 04:10 – 05:28 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.