दैनिक पंचांग
मंगळवार, 19 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल तृतीया, 14:18 पर्यंत नंतर शुक्ल चतुर्थी, 20 मे, 11:07 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग, 08:41 पर्यंत नंतर आर्द्रा, 20 मे, 06:12 पर्यंत |
| योग | धृती, 17:48 पर्यंत नंतर शूल, 20 मे, 14:10 पर्यंत |
| करण | गर, 14:18 पर्यंत नंतर वणिज, 20 मे, 00:39 पर्यंत नंतर विष्टी, 20 मे, 11:07 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:07 |
| चंद्रोदय | 07:27 |
| चंद्रास्त | 22:18 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | मिथुन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | ज्येष्ठ (अधिक) |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:42 – 17:24 |
|---|---|
| यमगंड | 08:52 – 10:35 |
| गुलिक काळ | 12:17 – 14:00 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:45 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 05:28 – 07:10 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:10 – 08:52 | टाळा |
| चर | 08:52 – 10:35 | सम |
| लाभ | 10:35 – 12:17 | शुभ |
| अमृत | 12:17 – 14:00 | शुभ |
| काळ | 14:00 – 15:42 | टाळा |
| शुभ | 15:42 – 17:24 | शुभ |
| रोग | 17:24 – 19:07 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 19:07 – 20:24 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 20:24 – 21:42 | शुभ |
| उद्वेग | 21:42 – 22:59 | टाळा |
| शुभ | 22:59 – 00:17 | शुभ |
| अमृत | 00:17 – 01:35 | शुभ |
| चर | 01:35 – 02:52 | सम |
| रोग | 02:52 – 04:10 | टाळा |
| काळ | 04:10 – 05:27 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.