दैनिक पंचांग
बुधवार, 20 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल चतुर्थी, 11:07 पर्यंत नंतर शुक्ल पंचमी, 21 मे, 08:27 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा, 06:12 पर्यंत नंतर पुनर्वसू, 21 मे, 04:12 पर्यंत नंतर पुष्य, 22 मे, 02:49 पर्यंत |
| योग | शूल, 14:10 पर्यंत नंतर गंड, 21 मे, 10:58 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 11:07 पर्यंत नंतर बव, 21:42 पर्यंत नंतर बालव, 21 मे, 08:27 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:07 |
| चंद्रोदय | 08:38 |
| चंद्रास्त | 23:12 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | मिथुन, 22:38; नंतर कर्क, 23 मे, 02:08 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | ज्येष्ठ (अधिक) |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:17 – 14:00 |
|---|---|
| यमगंड | 07:10 – 08:52 |
| गुलिक काळ | 10:35 – 12:17 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:45 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 05:27 – 07:10 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:10 – 08:52 | शुभ |
| काळ | 08:52 – 10:35 | टाळा |
| शुभ | 10:35 – 12:17 | शुभ |
| रोग | 12:17 – 14:00 | टाळा |
| उद्वेग | 14:00 – 15:42 | टाळा |
| चर | 15:42 – 17:25 | सम |
| लाभ | 17:25 – 19:07 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 19:07 – 20:25 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 20:25 – 21:42 | शुभ |
| अमृत | 21:42 – 23:00 | शुभ |
| चर | 23:00 – 00:17 | सम |
| रोग | 00:17 – 01:34 | टाळा |
| काळ | 01:34 – 02:52 | टाळा |
| लाभ | 02:52 – 04:09 | शुभ |
| उद्वेग | 04:09 – 05:27 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.