दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 22 मे 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल षष्ठी, 06:25 पर्यंत नंतर शुक्ल सप्तमी, 23 मे, 05:04 पर्यंत नंतर शुक्ल अष्टमी, 24 मे, 04:27 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा, 23 मे, 02:08 पर्यंत नंतर मघा, 24 मे, 02:09 पर्यंत |
| योग | वृद्धी, 08:18 पर्यंत नंतर ध्रुव, 23 मे, 06:13 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 06:25 पर्यंत नंतर गर, 17:39 पर्यंत नंतर वणिज, 23 मे, 05:04 पर्यंत नंतर विष्टी, 23 मे, 16:40 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:26 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:09 |
| चंद्रोदय | 10:56 |
| चंद्रास्त | 23 मे, 00:35 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | कर्क, 23 मे, 02:08; नंतर सिंह, 25 मे, 09:07 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | ज्येष्ठ (अधिक) |
| महिना (पौर्णिमांत) | ज्येष्ठ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:35 – 12:17 |
|---|---|
| यमगंड | 15:43 – 17:26 |
| गुलिक काळ | 07:09 – 08:52 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:45 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 05:26 – 07:09 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:09 – 08:52 | शुभ |
| अमृत | 08:52 – 10:35 | शुभ |
| काळ | 10:35 – 12:17 | टाळा |
| शुभ | 12:17 – 14:00 | शुभ |
| रोग | 14:00 – 15:43 | टाळा |
| उद्वेग | 15:43 – 17:26 | टाळा |
| चर | 17:26 – 19:09 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 19:09 – 20:26 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 20:26 – 21:43 | टाळा |
| लाभ | 21:43 – 23:00 | शुभ |
| उद्वेग | 23:00 – 00:17 | टाळा |
| शुभ | 00:17 – 01:34 | शुभ |
| अमृत | 01:34 – 02:52 | शुभ |
| चर | 02:52 – 04:09 | सम |
| रोग | 04:09 – 05:26 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.