दैनिक पंचांग
बुधवार, 3 जून 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण तृतीया, 21:21 पर्यंत नंतर कृष्ण चतुर्थी, 4 जून, 23:30 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा, 4 जून, 00:59 पर्यंत नंतर उत्तराषाढा, 5 जून, 03:41 पर्यंत |
| योग | शुभ, 08:12 पर्यंत नंतर शुक्ल, 4 जून, 09:03 पर्यंत |
| करण | वणिज, 08:12 पर्यंत नंतर विष्टी, 21:21 पर्यंत नंतर बव, 4 जून, 10:28 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:23 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:15 |
| चंद्रोदय | 21:59 |
| चंद्रास्त | 07:25 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | धनु |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | ज्येष्ठ (अधिक) |
| महिना (पौर्णिमांत) | आषाढ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:19 – 14:03 |
|---|---|
| यमगंड | 07:07 – 08:51 |
| गुलिक काळ | 10:35 – 12:19 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:47 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 05:23 – 07:07 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:07 – 08:51 | शुभ |
| काळ | 08:51 – 10:35 | टाळा |
| शुभ | 10:35 – 12:19 | शुभ |
| रोग | 12:19 – 14:03 | टाळा |
| उद्वेग | 14:03 – 15:47 | टाळा |
| चर | 15:47 – 17:31 | सम |
| लाभ | 17:31 – 19:15 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 19:15 – 20:31 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 20:31 – 21:47 | शुभ |
| अमृत | 21:47 – 23:03 | शुभ |
| चर | 23:03 – 00:19 | सम |
| रोग | 00:19 – 01:35 | टाळा |
| काळ | 01:35 – 02:51 | टाळा |
| लाभ | 02:51 – 04:07 | शुभ |
| उद्वेग | 04:07 – 05:22 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.