दैनिक पंचांग
गुरुवार, 4 जून 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी, 23:30 पर्यंत नंतर कृष्ण पंचमी, 6 जून, 01:20 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा, 5 जून, 03:41 पर्यंत नंतर श्रवण, 6 जून, 06:03 पर्यंत |
| योग | शुक्ल, 09:03 पर्यंत नंतर ब्रह्म, 5 जून, 09:42 पर्यंत |
| करण | बव, 10:28 पर्यंत नंतर बालव, 23:30 पर्यंत नंतर कौलव, 5 जून, 12:28 पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:22 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:16 |
| चंद्रोदय | 22:38 |
| चंद्रास्त | 08:21 |
| सूर्य रास | वृषभ |
| चंद्र रास | धनु, 07:41; नंतर मकर, 6 जून, 19:03 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | ज्येष्ठ (अधिक) |
| महिना (पौर्णिमांत) | आषाढ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:03 – 15:47 |
|---|---|
| यमगंड | 05:22 – 07:07 |
| गुलिक काळ | 08:51 – 10:35 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:47 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| शुभ | 05:22 – 07:07 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:07 – 08:51 | टाळा |
| उद्वेग | 08:51 – 10:35 | टाळा |
| चर | 10:35 – 12:19 | सम |
| लाभ | 12:19 – 14:03 | शुभ |
| अमृत | 14:03 – 15:47 | शुभ |
| काळ | 15:47 – 17:31 | टाळा |
| शुभ | 17:31 – 19:16 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| अमृत | 19:16 – 20:31 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:31 – 21:47 | सम |
| रोग | 21:47 – 23:03 | टाळा |
| काळ | 23:03 – 00:19 | टाळा |
| लाभ | 00:19 – 01:35 | शुभ |
| उद्वेग | 01:35 – 02:51 | टाळा |
| शुभ | 02:51 – 04:06 | शुभ |
| अमृत | 04:06 – 05:22 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.