दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 17 जुलै 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल तृतीया, 06:28 पर्यंत नंतर शुक्ल चतुर्थी, 18 जुलै, 04:43 पर्यंत नंतर शुक्ल पंचमी, 19 जुलै, 03:43 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा, 18:35 पर्यंत नंतर पूर्वा फाल्गुनी, 18 जुलै, 18:00 पर्यंत |
| योग | व्यतीपात, 22:46 पर्यंत नंतर वरीयान, 18 जुलै, 20:45 पर्यंत |
| करण | गर, 06:28 पर्यंत नंतर वणिज, 17:30 पर्यंत नंतर विष्टी, 18 जुलै, 04:43 पर्यंत नंतर बव, 18 जुलै, 16:07 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:33 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:20 |
| चंद्रोदय | 08:32 |
| चंद्रास्त | 21:37 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | सिंह |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आषाढ |
| महिना (पौर्णिमांत) | आषाढ |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:43 – 12:27 |
|---|---|
| यमगंड | 15:53 – 17:37 |
| गुलिक काळ | 07:17 – 09:00 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 – 12:54 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 05:33 – 07:17 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:17 – 09:00 | शुभ |
| अमृत | 09:00 – 10:43 | शुभ |
| काळ | 10:43 – 12:27 | टाळा |
| शुभ | 12:27 – 14:10 | शुभ |
| रोग | 14:10 – 15:53 | टाळा |
| उद्वेग | 15:53 – 17:37 | टाळा |
| चर | 17:37 – 19:20 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 19:20 – 20:37 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 20:37 – 21:53 | टाळा |
| लाभ | 21:53 – 23:10 | शुभ |
| उद्वेग | 23:10 – 00:27 | टाळा |
| शुभ | 00:27 – 01:44 | शुभ |
| अमृत | 01:44 – 03:00 | शुभ |
| चर | 03:00 – 04:17 | सम |
| रोग | 04:17 – 05:34 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.