दैनिक पंचांग
शनिवार, 1 ऑगस्ट 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण तृतीया, 23:07 पर्यंत नंतर कृष्ण चतुर्थी, 2 ऑगस्ट, 23:15 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका, 20:45 पर्यंत नंतर पूर्वा भाद्रपदा, 2 ऑगस्ट, 21:37 पर्यंत |
| योग | शोभन, 23:23 पर्यंत नंतर अतिगंड, 2 ऑगस्ट, 22:29 पर्यंत |
| करण | वणिज, 10:53 पर्यंत नंतर विष्टी, 23:07 पर्यंत नंतर बव, 2 ऑगस्ट, 11:15 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:42 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:12 |
| चंद्रोदय | 20:51 |
| चंद्रास्त | 07:59 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | कुंभ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आषाढ |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:04 – 10:46 |
|---|---|
| यमगंड | 14:08 – 15:49 |
| गुलिक काळ | 05:42 – 07:23 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:54 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 05:42 – 07:23 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:23 – 09:04 | शुभ |
| रोग | 09:04 – 10:46 | टाळा |
| उद्वेग | 10:46 – 12:27 | टाळा |
| चर | 12:27 – 14:08 | सम |
| लाभ | 14:08 – 15:49 | शुभ |
| अमृत | 15:49 – 17:31 | शुभ |
| काळ | 17:31 – 19:12 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 19:12 – 20:31 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 20:31 – 21:50 | टाळा |
| शुभ | 21:50 – 23:08 | शुभ |
| अमृत | 23:08 – 00:27 | शुभ |
| चर | 00:27 – 01:46 | सम |
| रोग | 01:46 – 03:05 | टाळा |
| काळ | 03:05 – 04:24 | टाळा |
| लाभ | 04:24 – 05:42 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.