दैनिक पंचांग
सोमवार, 3 ऑगस्ट 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण पंचमी, 22:54 पर्यंत नंतर कृष्ण षष्ठी, 4 ऑगस्ट, 22:03 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा, 22:00 पर्यंत नंतर रेवती, 4 ऑगस्ट, 21:54 पर्यंत |
| योग | सुकर्मा, 21:13 पर्यंत नंतर धृती, 4 ऑगस्ट, 19:33 पर्यंत |
| करण | कौलव, 11:08 पर्यंत नंतर तैतिल, 22:54 पर्यंत नंतर गर, 4 ऑगस्ट, 10:33 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:10 |
| चंद्रोदय | 21:50 |
| चंद्रास्त | 09:54 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | मीन |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आषाढ |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:24 – 09:05 |
|---|---|
| यमगंड | 10:46 – 12:27 |
| गुलिक काळ | 14:08 – 15:49 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:54 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 05:43 – 07:24 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:24 – 09:05 | टाळा |
| शुभ | 09:05 – 10:46 | शुभ |
| रोग | 10:46 – 12:27 | टाळा |
| उद्वेग | 12:27 – 14:08 | टाळा |
| चर | 14:08 – 15:49 | सम |
| लाभ | 15:49 – 17:30 | शुभ |
| अमृत | 17:30 – 19:10 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 19:10 – 20:30 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 20:30 – 21:49 | टाळा |
| काळ | 21:49 – 23:08 | टाळा |
| लाभ | 23:08 – 00:27 | शुभ |
| उद्वेग | 00:27 – 01:46 | टाळा |
| शुभ | 01:46 – 03:05 | शुभ |
| अमृत | 03:05 – 04:24 | शुभ |
| चर | 04:24 – 05:43 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.