दैनिक पंचांग
मंगळवार, 4 ऑगस्ट 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण षष्ठी, 22:03 पर्यंत नंतर कृष्ण सप्तमी, 5 ऑगस्ट, 20:42 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती, 21:54 पर्यंत नंतर अश्विनी, 5 ऑगस्ट, 21:18 पर्यंत |
| योग | धृती, 19:33 पर्यंत नंतर शूल, 5 ऑगस्ट, 17:29 पर्यंत |
| करण | गर, 10:33 पर्यंत नंतर वणिज, 22:03 पर्यंत नंतर विष्टी, 5 ऑगस्ट, 09:26 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:10 |
| चंद्रोदय | 22:22 |
| चंद्रास्त | 10:53 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | मीन, 21:54; नंतर मेष, 7 ऑगस्ट, 01:53 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आषाढ |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:48 – 17:29 |
|---|---|
| यमगंड | 09:05 – 10:46 |
| गुलिक काळ | 12:27 – 14:07 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:53 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 05:43 – 07:24 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:24 – 09:05 | टाळा |
| चर | 09:05 – 10:46 | सम |
| लाभ | 10:46 – 12:27 | शुभ |
| अमृत | 12:27 – 14:07 | शुभ |
| काळ | 14:07 – 15:48 | टाळा |
| शुभ | 15:48 – 17:29 | शुभ |
| रोग | 17:29 – 19:10 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 19:10 – 20:29 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 20:29 – 21:48 | शुभ |
| उद्वेग | 21:48 – 23:08 | टाळा |
| शुभ | 23:08 – 00:27 | शुभ |
| अमृत | 00:27 – 01:46 | शुभ |
| चर | 01:46 – 03:05 | सम |
| रोग | 03:05 – 04:25 | टाळा |
| काळ | 04:25 – 05:44 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.