दैनिक पंचांग
बुधवार, 5 ऑगस्ट 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण सप्तमी, 20:42 पर्यंत नंतर कृष्ण अष्टमी, 6 ऑगस्ट, 18:53 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी, 21:18 पर्यंत नंतर भरणी, 6 ऑगस्ट, 20:13 पर्यंत |
| योग | शूल, 17:29 पर्यंत नंतर गंड, 6 ऑगस्ट, 15:00 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 09:26 पर्यंत नंतर बव, 20:42 पर्यंत नंतर बालव, 6 ऑगस्ट, 07:51 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:44 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:09 |
| चंद्रोदय | 22:59 |
| चंद्रास्त | 11:56 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | मेष |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आषाढ |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:26 – 14:07 |
|---|---|
| यमगंड | 07:25 – 09:05 |
| गुलिक काळ | 10:46 – 12:26 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:53 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 05:44 – 07:25 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:25 – 09:05 | शुभ |
| काळ | 09:05 – 10:46 | टाळा |
| शुभ | 10:46 – 12:26 | शुभ |
| रोग | 12:26 – 14:07 | टाळा |
| उद्वेग | 14:07 – 15:48 | टाळा |
| चर | 15:48 – 17:28 | सम |
| लाभ | 17:28 – 19:09 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 19:09 – 20:28 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 20:28 – 21:48 | शुभ |
| अमृत | 21:48 – 23:07 | शुभ |
| चर | 23:07 – 00:27 | सम |
| रोग | 00:27 – 01:46 | टाळा |
| काळ | 01:46 – 03:06 | टाळा |
| लाभ | 03:06 – 04:25 | शुभ |
| उद्वेग | 04:25 – 05:45 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.