दैनिक पंचांग
गुरुवार, 13 ऑगस्ट 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा, 20:42 पर्यंत नंतर शुक्ल द्वितीया, 14 ऑगस्ट, 18:47 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा, 06:06 पर्यंत नंतर मघा, 14 ऑगस्ट, 04:38 पर्यंत नंतर पूर्वा फाल्गुनी, 15 ऑगस्ट, 03:42 पर्यंत |
| योग | वरीयान, 12:16 पर्यंत नंतर परिघ, 14 ऑगस्ट, 09:28 पर्यंत |
| करण | किंस्तुघ्न, 09:51 पर्यंत नंतर बव, 20:42 पर्यंत नंतर बालव, 14 ऑगस्ट, 07:40 पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:02 |
| चंद्रोदय | 06:11 |
| चंद्रास्त | 19:32 |
| सूर्य रास | कर्क |
| चंद्र रास | कर्क, 06:06; नंतर सिंह, 15 ऑगस्ट, 09:34 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | श्रावण |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:05 – 15:44 |
|---|---|
| यमगंड | 05:48 – 07:28 |
| गुलिक काळ | 09:07 – 10:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 – 12:52 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| शुभ | 05:48 – 07:28 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:28 – 09:07 | टाळा |
| उद्वेग | 09:07 – 10:46 | टाळा |
| चर | 10:46 – 12:25 | सम |
| लाभ | 12:25 – 14:05 | शुभ |
| अमृत | 14:05 – 15:44 | शुभ |
| काळ | 15:44 – 17:23 | टाळा |
| शुभ | 17:23 – 19:02 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| अमृत | 19:02 – 20:23 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 20:23 – 21:44 | सम |
| रोग | 21:44 – 23:05 | टाळा |
| काळ | 23:05 – 00:26 | टाळा |
| लाभ | 00:26 – 01:46 | शुभ |
| उद्वेग | 01:46 – 03:07 | टाळा |
| शुभ | 03:07 – 04:28 | शुभ |
| अमृत | 04:28 – 05:49 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.