दैनिक पंचांग
बुधवार, 19 ऑगस्ट 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल सप्तमी, 19:20 पर्यंत नंतर शुक्ल अष्टमी, 20 ऑगस्ट, 21:18 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती, 06:47 पर्यंत नंतर विशाखा, 20 ऑगस्ट, 09:08 पर्यंत |
| योग | ब्रह्म, 20 ऑगस्ट, 03:44 पर्यंत नंतर इंद्र, 21 ऑगस्ट, 04:25 पर्यंत |
| करण | गर, 06:31 पर्यंत नंतर वणिज, 19:20 पर्यंत नंतर विष्टी, 20 ऑगस्ट, 08:16 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:57 |
| चंद्रोदय | 12:13 |
| चंद्रास्त | 22:47 |
| सूर्य रास | सिंह |
| चंद्र रास | तूळ, 20 ऑगस्ट, 02:30; नंतर वृश्चिक, 22 ऑगस्ट, 14:49 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | श्रावण |
| महिना (पौर्णिमांत) | श्रावण |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:24 – 14:02 |
|---|---|
| यमगंड | 07:30 – 09:08 |
| गुलिक काळ | 10:46 – 12:24 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:50 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 05:52 – 07:30 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:30 – 09:08 | शुभ |
| काळ | 09:08 – 10:46 | टाळा |
| शुभ | 10:46 – 12:24 | शुभ |
| रोग | 12:24 – 14:02 | टाळा |
| उद्वेग | 14:02 – 15:40 | टाळा |
| चर | 15:40 – 17:18 | सम |
| लाभ | 17:18 – 18:57 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:57 – 20:18 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 20:18 – 21:40 | शुभ |
| अमृत | 21:40 – 23:02 | शुभ |
| चर | 23:02 – 00:24 | सम |
| रोग | 00:24 – 01:46 | टाळा |
| काळ | 01:46 – 03:08 | टाळा |
| लाभ | 03:08 – 04:30 | शुभ |
| उद्वेग | 04:30 – 05:52 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.