दैनिक पंचांग
बुधवार, 16 सप्टेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल पंचमी, 08:59 पर्यंत नंतर शुक्ल षष्ठी, 17 सप्टेंबर, 10:48 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा, 17:22 पर्यंत नंतर अनुराधा, 17 सप्टेंबर, 19:53 पर्यंत |
| योग | वैधृती, 12:22 पर्यंत नंतर विष्कुंभ, 17 सप्टेंबर, 12:49 पर्यंत |
| करण | बालव, 08:59 पर्यंत नंतर कौलव, 21:50 पर्यंत नंतर तैतिल, 17 सप्टेंबर, 10:48 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:06 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:25 |
| चंद्रोदय | 10:58 |
| चंद्रास्त | 21:23 |
| सूर्य रास | सिंह |
| चंद्र रास | तूळ, 10:49; नंतर वृश्चिक, 18 सप्टेंबर, 22:44 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:15 – 13:48 |
|---|---|
| यमगंड | 07:38 – 09:11 |
| गुलिक काळ | 10:43 – 12:15 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 – 12:40 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:06 – 07:38 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:38 – 09:11 | शुभ |
| काळ | 09:11 – 10:43 | टाळा |
| शुभ | 10:43 – 12:15 | शुभ |
| रोग | 12:15 – 13:48 | टाळा |
| उद्वेग | 13:48 – 15:20 | टाळा |
| चर | 15:20 – 16:53 | सम |
| लाभ | 16:53 – 18:25 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:25 – 19:53 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:53 – 21:20 | शुभ |
| अमृत | 21:20 – 22:48 | शुभ |
| चर | 22:48 – 00:16 | सम |
| रोग | 00:16 – 01:43 | टाळा |
| काळ | 01:43 – 03:11 | टाळा |
| लाभ | 03:11 – 04:39 | शुभ |
| उद्वेग | 04:39 – 06:06 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.