दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 18 सप्टेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल सप्तमी, 13:01 पर्यंत नंतर शुक्ल अष्टमी, 19 सप्टेंबर, 15:27 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा, 22:44 पर्यंत नंतर मूळ, 20 सप्टेंबर, 01:43 पर्यंत |
| योग | प्रीती, 13:34 पर्यंत नंतर आयुष्मान, 19 सप्टेंबर, 14:29 पर्यंत |
| करण | वणिज, 13:01 पर्यंत नंतर विष्टी, 19 सप्टेंबर, 02:13 पर्यंत नंतर बव, 19 सप्टेंबर, 15:27 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:23 |
| चंद्रोदय | 12:51 |
| चंद्रास्त | 22:57 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | वृश्चिक, 22:44; नंतर धनु, 21 सप्टेंबर, 11:15 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | भाद्रपद |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:43 – 12:15 |
|---|---|
| यमगंड | 15:19 – 16:51 |
| गुलिक काळ | 07:39 – 09:11 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 – 12:39 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 06:07 – 07:39 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:39 – 09:11 | शुभ |
| अमृत | 09:11 – 10:43 | शुभ |
| काळ | 10:43 – 12:15 | टाळा |
| शुभ | 12:15 – 13:47 | शुभ |
| रोग | 13:47 – 15:19 | टाळा |
| उद्वेग | 15:19 – 16:51 | टाळा |
| चर | 16:51 – 18:23 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 18:23 – 19:51 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 19:51 – 21:19 | टाळा |
| लाभ | 21:19 – 22:47 | शुभ |
| उद्वेग | 22:47 – 00:15 | टाळा |
| शुभ | 00:15 – 01:43 | शुभ |
| अमृत | 01:43 – 03:11 | शुभ |
| चर | 03:11 – 04:39 | सम |
| रोग | 04:39 – 06:07 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.