दैनिक पंचांग
मंगळवार, 29 सप्टेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण तृतीया, 17:10 पर्यंत नंतर कृष्ण चतुर्थी, 30 सप्टेंबर, 14:55 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी, 09:03 पर्यंत नंतर भरणी, 30 सप्टेंबर, 07:36 पर्यंत |
| योग | व्याघात, 06:13 पर्यंत नंतर हर्षण, 30 सप्टेंबर, 03:20 पर्यंत नंतर वज्र, 1 ऑक्टोबर, 00:20 पर्यंत |
| करण | वणिज, 06:14 पर्यंत नंतर विष्टी, 17:10 पर्यंत नंतर बव, 30 सप्टेंबर, 04:04 पर्यंत नंतर बालव, 30 सप्टेंबर, 14:55 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:12 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:09 |
| चंद्रोदय | 19:39 |
| चंद्रास्त | 08:44 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | मेष |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:10 – 16:40 |
|---|---|
| यमगंड | 09:12 – 10:41 |
| गुलिक काळ | 12:11 – 13:40 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:47 – 12:35 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:12 – 07:42 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:42 – 09:12 | टाळा |
| चर | 09:12 – 10:41 | सम |
| लाभ | 10:41 – 12:11 | शुभ |
| अमृत | 12:11 – 13:40 | शुभ |
| काळ | 13:40 – 15:10 | टाळा |
| शुभ | 15:10 – 16:40 | शुभ |
| रोग | 16:40 – 18:09 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 18:09 – 19:40 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 19:40 – 21:10 | शुभ |
| उद्वेग | 21:10 – 22:41 | टाळा |
| शुभ | 22:41 – 00:11 | शुभ |
| अमृत | 00:11 – 01:41 | शुभ |
| चर | 01:41 – 03:12 | सम |
| रोग | 03:12 – 04:42 | टाळा |
| काळ | 04:42 – 06:13 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.