दैनिक पंचांग
बुधवार, 30 सप्टेंबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी, 14:55 पर्यंत नंतर कृष्ण पंचमी, 1 ऑक्टोबर, 12:35 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी, 07:36 पर्यंत नंतर कृत्तिका, 1 ऑक्टोबर, 06:02 पर्यंत नंतर रोहिणी, 2 ऑक्टोबर, 04:27 पर्यंत |
| योग | वज्र, 1 ऑक्टोबर, 00:20 पर्यंत नंतर सिद्धी, 1 ऑक्टोबर, 21:18 पर्यंत |
| करण | बालव, 14:55 पर्यंत नंतर कौलव, 1 ऑक्टोबर, 01:46 पर्यंत नंतर तैतिल, 1 ऑक्टोबर, 12:35 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:08 |
| चंद्रोदय | 20:25 |
| चंद्रास्त | 09:52 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | मेष, 13:13; नंतर वृषभ, 2 ऑक्टोबर, 15:40 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:10 – 13:40 |
|---|---|
| यमगंड | 07:42 – 09:12 |
| गुलिक काळ | 10:41 – 12:10 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:47 – 12:34 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:13 – 07:42 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:42 – 09:12 | शुभ |
| काळ | 09:12 – 10:41 | टाळा |
| शुभ | 10:41 – 12:10 | शुभ |
| रोग | 12:10 – 13:40 | टाळा |
| उद्वेग | 13:40 – 15:09 | टाळा |
| चर | 15:09 – 16:39 | सम |
| लाभ | 16:39 – 18:08 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:08 – 19:39 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:39 – 21:09 | शुभ |
| अमृत | 21:09 – 22:40 | शुभ |
| चर | 22:40 – 00:11 | सम |
| रोग | 00:11 – 01:41 | टाळा |
| काळ | 01:41 – 03:12 | टाळा |
| लाभ | 03:12 – 04:43 | शुभ |
| उद्वेग | 04:43 – 06:13 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.