दैनिक पंचांग
गुरुवार, 1 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण पंचमी, 12:35 पर्यंत नंतर कृष्ण षष्ठी, 2 ऑक्टोबर, 10:15 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी, 2 ऑक्टोबर, 04:27 पर्यंत नंतर मृग, 3 ऑक्टोबर, 02:55 पर्यंत |
| योग | सिद्धी, 21:18 पर्यंत नंतर व्यतीपात, 2 ऑक्टोबर, 18:17 पर्यंत |
| करण | तैतिल, 12:35 पर्यंत नंतर गर, 23:25 पर्यंत नंतर वणिज, 2 ऑक्टोबर, 10:15 पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:07 |
| चंद्रोदय | 21:19 |
| चंद्रास्त | 11:01 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | वृषभ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 13:39 – 15:09 |
|---|---|
| यमगंड | 06:13 – 07:42 |
| गुलिक काळ | 09:12 – 10:41 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:46 – 12:34 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| शुभ | 06:13 – 07:42 | शुभ |
|---|---|---|
| रोग | 07:42 – 09:12 | टाळा |
| उद्वेग | 09:12 – 10:41 | टाळा |
| चर | 10:41 – 12:10 | सम |
| लाभ | 12:10 – 13:39 | शुभ |
| अमृत | 13:39 – 15:09 | शुभ |
| काळ | 15:09 – 16:38 | टाळा |
| शुभ | 16:38 – 18:07 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| अमृत | 18:07 – 19:38 | शुभ |
|---|---|---|
| चर | 19:38 – 21:09 | सम |
| रोग | 21:09 – 22:40 | टाळा |
| काळ | 22:40 – 00:10 | टाळा |
| लाभ | 00:10 – 01:41 | शुभ |
| उद्वेग | 01:41 – 03:12 | टाळा |
| शुभ | 03:12 – 04:43 | शुभ |
| अमृत | 04:43 – 06:14 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.