दैनिक पंचांग
मंगळवार, 6 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण एकादशी, 7 ऑक्टोबर, 00:35 पर्यंत नंतर कृष्ण द्वादशी, 7 ऑक्टोबर, 23:17 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आश्लेषा, 22:17 पर्यंत नंतर मघा, 7 ऑक्टोबर, 21:40 पर्यंत |
| योग | सिद्ध, 07:20 पर्यंत नंतर साध्य, 7 ऑक्टोबर, 05:00 पर्यंत नंतर शुभ, 8 ऑक्टोबर, 02:52 पर्यंत |
| करण | बव, 13:19 पर्यंत नंतर बालव, 7 ऑक्टोबर, 00:35 पर्यंत नंतर कौलव, 7 ऑक्टोबर, 11:54 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:16 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:01 |
| चंद्रोदय | 7 ऑक्टोबर, 02:47 |
| चंद्रास्त | 15:26 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | कर्क, 22:17; नंतर सिंह, 9 ऑक्टोबर, 03:18 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 15:05 – 16:33 |
|---|---|
| यमगंड | 09:12 – 10:40 |
| गुलिक काळ | 12:09 – 13:37 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 – 12:32 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:16 – 07:44 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:44 – 09:12 | टाळा |
| चर | 09:12 – 10:40 | सम |
| लाभ | 10:40 – 12:09 | शुभ |
| अमृत | 12:09 – 13:37 | शुभ |
| काळ | 13:37 – 15:05 | टाळा |
| शुभ | 15:05 – 16:33 | शुभ |
| रोग | 16:33 – 18:01 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 18:01 – 19:33 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 19:33 – 21:05 | शुभ |
| उद्वेग | 21:05 – 22:37 | टाळा |
| शुभ | 22:37 – 00:09 | शुभ |
| अमृत | 00:09 – 01:41 | शुभ |
| चर | 01:41 – 03:13 | सम |
| रोग | 03:13 – 04:45 | टाळा |
| काळ | 04:45 – 06:16 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.