दैनिक पंचांग
बुधवार, 7 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण द्वादशी, 23:17 पर्यंत नंतर कृष्ण त्रयोदशी, 8 ऑक्टोबर, 22:16 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मघा, 21:40 पर्यंत नंतर पूर्वा फाल्गुनी, 8 ऑक्टोबर, 21:20 पर्यंत |
| योग | शुभ, 8 ऑक्टोबर, 02:52 पर्यंत नंतर शुक्ल, 9 ऑक्टोबर, 00:58 पर्यंत |
| करण | कौलव, 11:54 पर्यंत नंतर तैतिल, 23:17 पर्यंत नंतर गर, 8 ऑक्टोबर, 10:44 पर्यंत |
| वार | बुधवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:16 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:00 |
| चंद्रोदय | 8 ऑक्टोबर, 03:49 |
| चंद्रास्त | 16:01 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | सिंह |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 12:08 – 13:36 |
|---|---|
| यमगंड | 07:44 – 09:12 |
| गुलिक काळ | 10:40 – 12:08 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 – 12:32 (बुधवारी परंपरेने टाळला जातो) |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| लाभ | 06:16 – 07:44 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 07:44 – 09:12 | शुभ |
| काळ | 09:12 – 10:40 | टाळा |
| शुभ | 10:40 – 12:08 | शुभ |
| रोग | 12:08 – 13:36 | टाळा |
| उद्वेग | 13:36 – 15:04 | टाळा |
| चर | 15:04 – 16:32 | सम |
| लाभ | 16:32 – 18:00 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| उद्वेग | 18:00 – 19:32 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 19:32 – 21:04 | शुभ |
| अमृत | 21:04 – 22:36 | शुभ |
| चर | 22:36 – 00:09 | सम |
| रोग | 00:09 – 01:41 | टाळा |
| काळ | 01:41 – 03:13 | टाळा |
| लाभ | 03:13 – 04:45 | शुभ |
| उद्वेग | 04:45 – 06:17 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.