दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 9 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी, 21:36 पर्यंत नंतर अमावास्या, 10 ऑक्टोबर, 21:20 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी, 21:19 पर्यंत नंतर हस्त, 10 ऑक्टोबर, 21:42 पर्यंत |
| योग | ब्रह्म, 23:20 पर्यंत नंतर इंद्र, 10 ऑक्टोबर, 22:02 पर्यंत |
| करण | विष्टी, 09:53 पर्यंत नंतर शकुनी, 21:36 पर्यंत नंतर चतुष्पाद, 10 ऑक्टोबर, 09:24 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:18 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:58 |
| चंद्रोदय | 10 ऑक्टोबर, 05:48 |
| चंद्रास्त | 17:03 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | कन्या |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:40 – 12:08 |
|---|---|
| यमगंड | 15:03 – 16:30 |
| गुलिक काळ | 07:45 – 09:13 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 – 12:31 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 06:18 – 07:45 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:45 – 09:13 | शुभ |
| अमृत | 09:13 – 10:40 | शुभ |
| काळ | 10:40 – 12:08 | टाळा |
| शुभ | 12:08 – 13:35 | शुभ |
| रोग | 13:35 – 15:03 | टाळा |
| उद्वेग | 15:03 – 16:30 | टाळा |
| चर | 16:30 – 17:58 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 17:58 – 19:30 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 19:30 – 21:03 | टाळा |
| लाभ | 21:03 – 22:36 | शुभ |
| उद्वेग | 22:36 – 00:08 | टाळा |
| शुभ | 00:08 – 01:41 | शुभ |
| अमृत | 01:41 – 03:13 | शुभ |
| चर | 03:13 – 04:46 | सम |
| रोग | 04:46 – 06:18 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.