दैनिक पंचांग
शनिवार, 10 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | अमावास्या, 21:20 पर्यंत नंतर शुक्ल प्रतिपदा, 11 ऑक्टोबर, 21:31 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त, 21:42 पर्यंत नंतर चित्रा, 11 ऑक्टोबर, 22:32 पर्यंत |
| योग | इंद्र, 22:02 पर्यंत नंतर वैधृती, 11 ऑक्टोबर, 21:05 पर्यंत |
| करण | चतुष्पाद, 09:24 पर्यंत नंतर नाग, 21:20 पर्यंत नंतर किंस्तुघ्न, 11 ऑक्टोबर, 09:22 पर्यंत |
| वार | शनिवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:18 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:57 |
| चंद्रोदय | 11 ऑक्टोबर, 06:47 |
| चंद्रास्त | 17:34 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | कन्या |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | कृष्ण |
|---|---|
| महिना (अमांत) | भाद्रपद |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 09:13 – 10:40 |
|---|---|
| यमगंड | 13:35 – 15:02 |
| गुलिक काळ | 06:18 – 07:46 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 – 12:31 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| काळ | 06:18 – 07:46 | टाळा |
|---|---|---|
| शुभ | 07:46 – 09:13 | शुभ |
| रोग | 09:13 – 10:40 | टाळा |
| उद्वेग | 10:40 – 12:07 | टाळा |
| चर | 12:07 – 13:35 | सम |
| लाभ | 13:35 – 15:02 | शुभ |
| अमृत | 15:02 – 16:29 | शुभ |
| काळ | 16:29 – 17:57 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| लाभ | 17:57 – 19:30 | शुभ |
|---|---|---|
| उद्वेग | 19:30 – 21:02 | टाळा |
| शुभ | 21:02 – 22:35 | शुभ |
| अमृत | 22:35 – 00:08 | शुभ |
| चर | 00:08 – 01:41 | सम |
| रोग | 01:41 – 03:13 | टाळा |
| काळ | 03:13 – 04:46 | टाळा |
| लाभ | 04:46 – 06:19 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.