दैनिक पंचांग
रविवार, 11 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा, 21:31 पर्यंत नंतर शुक्ल द्वितीया, 12 ऑक्टोबर, 22:13 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा, 22:32 पर्यंत नंतर स्वाती, 12 ऑक्टोबर, 23:52 पर्यंत |
| योग | वैधृती, 21:05 पर्यंत नंतर विष्कुंभ, 12 ऑक्टोबर, 20:32 पर्यंत |
| करण | किंस्तुघ्न, 09:22 पर्यंत नंतर बव, 21:31 पर्यंत नंतर बालव, 12 ऑक्टोबर, 09:48 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:19 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:56 |
| चंद्रोदय | 06:47 |
| चंद्रास्त | 18:06 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | कन्या, 10:04; नंतर तूळ, 13 ऑक्टोबर, 19:12 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 16:29 – 17:56 |
|---|---|
| यमगंड | 12:07 – 13:34 |
| गुलिक काळ | 15:01 – 16:29 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 – 12:30 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 06:19 – 07:46 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 07:46 – 09:13 | सम |
| लाभ | 09:13 – 10:40 | शुभ |
| अमृत | 10:40 – 12:07 | शुभ |
| काळ | 12:07 – 13:34 | टाळा |
| शुभ | 13:34 – 15:01 | शुभ |
| रोग | 15:01 – 16:29 | टाळा |
| उद्वेग | 16:29 – 17:56 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 17:56 – 19:29 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 19:29 – 21:02 | शुभ |
| चर | 21:02 – 22:35 | सम |
| रोग | 22:35 – 00:08 | टाळा |
| काळ | 00:08 – 01:40 | टाळा |
| लाभ | 01:40 – 03:13 | शुभ |
| उद्वेग | 03:13 – 04:46 | टाळा |
| शुभ | 04:46 – 06:19 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.