दैनिक पंचांग
सोमवार, 12 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल द्वितीया, 22:13 पर्यंत नंतर शुक्ल तृतीया, 13 ऑक्टोबर, 23:28 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती, 23:52 पर्यंत नंतर विशाखा, 14 ऑक्टोबर, 01:43 पर्यंत |
| योग | विष्कुंभ, 20:32 पर्यंत नंतर प्रीती, 13 ऑक्टोबर, 20:23 पर्यंत |
| करण | बालव, 09:48 पर्यंत नंतर कौलव, 22:13 पर्यंत नंतर तैतिल, 13 ऑक्टोबर, 10:46 पर्यंत |
| वार | सोमवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:19 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:55 |
| चंद्रोदय | 07:46 |
| चंद्रास्त | 18:40 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | तूळ |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 07:46 – 09:13 |
|---|---|
| यमगंड | 10:40 – 12:07 |
| गुलिक काळ | 13:34 – 15:01 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:44 – 12:30 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| अमृत | 06:19 – 07:46 | शुभ |
|---|---|---|
| काळ | 07:46 – 09:13 | टाळा |
| शुभ | 09:13 – 10:40 | शुभ |
| रोग | 10:40 – 12:07 | टाळा |
| उद्वेग | 12:07 – 13:34 | टाळा |
| चर | 13:34 – 15:01 | सम |
| लाभ | 15:01 – 16:28 | शुभ |
| अमृत | 16:28 – 17:55 | शुभ |
रात्रीचे चौघडिया
| चर | 17:55 – 19:28 | सम |
|---|---|---|
| रोग | 19:28 – 21:01 | टाळा |
| काळ | 21:01 – 22:34 | टाळा |
| लाभ | 22:34 – 00:07 | शुभ |
| उद्वेग | 00:07 – 01:40 | टाळा |
| शुभ | 01:40 – 03:14 | शुभ |
| अमृत | 03:14 – 04:47 | शुभ |
| चर | 04:47 – 06:20 | सम |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.