दैनिक पंचांग
शुक्रवार, 16 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल षष्ठी, 17 ऑक्टोबर, 05:54 पर्यंत नंतर शुक्ल सप्तमी, 18 ऑक्टोबर, 08:28 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | ज्येष्ठा, 06:47 पर्यंत नंतर मूळ, 17 ऑक्टोबर, 09:47 पर्यंत |
| योग | शोभन, 22:05 पर्यंत नंतर अतिगंड, 17 ऑक्टोबर, 23:02 पर्यंत |
| करण | कौलव, 16:38 पर्यंत नंतर तैतिल, 17 ऑक्टोबर, 05:54 पर्यंत नंतर गर, 17 ऑक्टोबर, 19:12 पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:22 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:50 |
| चंद्रोदय | 11:34 |
| चंद्रास्त | 21:40 |
| सूर्य रास | कन्या |
| चंद्र रास | वृश्चिक, 06:47; नंतर धनु, 18 ऑक्टोबर, 19:33 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 10:40 – 12:06 |
|---|---|
| यमगंड | 14:58 – 16:24 |
| गुलिक काळ | 07:48 – 09:14 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:29 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| चर | 06:22 – 07:48 | सम |
|---|---|---|
| लाभ | 07:48 – 09:14 | शुभ |
| अमृत | 09:14 – 10:40 | शुभ |
| काळ | 10:40 – 12:06 | टाळा |
| शुभ | 12:06 – 13:32 | शुभ |
| रोग | 13:32 – 14:58 | टाळा |
| उद्वेग | 14:58 – 16:24 | टाळा |
| चर | 16:24 – 17:50 | सम |
रात्रीचे चौघडिया
| रोग | 17:50 – 19:24 | टाळा |
|---|---|---|
| काळ | 19:24 – 20:58 | टाळा |
| लाभ | 20:58 – 22:32 | शुभ |
| उद्वेग | 22:32 – 00:06 | टाळा |
| शुभ | 00:06 – 01:40 | शुभ |
| अमृत | 01:40 – 03:14 | शुभ |
| चर | 03:14 – 04:48 | सम |
| रोग | 04:48 – 06:22 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.