दैनिक पंचांग
रविवार, 18 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल सप्तमी, 08:28 पर्यंत नंतर शुक्ल अष्टमी, 19 ऑक्टोबर, 10:52 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा, 12:49 पर्यंत नंतर उत्तराषाढा, 19 ऑक्टोबर, 15:38 पर्यंत |
| योग | सुकर्मा, 23:56 पर्यंत नंतर धृती, 20 ऑक्टोबर, 00:35 पर्यंत |
| करण | वणिज, 08:28 पर्यंत नंतर विष्टी, 21:42 पर्यंत नंतर बव, 19 ऑक्टोबर, 10:52 पर्यंत |
| वार | रविवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:23 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:48 |
| चंद्रोदय | 13:05 |
| चंद्रास्त | 23:31 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | धनु, 19:33; नंतर मकर, 21 ऑक्टोबर, 07:00 पर्यंत पर्यंत |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 16:23 – 17:48 |
|---|---|
| यमगंड | 12:06 – 13:31 |
| गुलिक काळ | 14:57 – 16:23 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:29 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| उद्वेग | 06:23 – 07:49 | टाळा |
|---|---|---|
| चर | 07:49 – 09:14 | सम |
| लाभ | 09:14 – 10:40 | शुभ |
| अमृत | 10:40 – 12:06 | शुभ |
| काळ | 12:06 – 13:31 | टाळा |
| शुभ | 13:31 – 14:57 | शुभ |
| रोग | 14:57 – 16:23 | टाळा |
| उद्वेग | 16:23 – 17:48 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| शुभ | 17:48 – 19:23 | शुभ |
|---|---|---|
| अमृत | 19:23 – 20:57 | शुभ |
| चर | 20:57 – 22:32 | सम |
| रोग | 22:32 – 00:06 | टाळा |
| काळ | 00:06 – 01:40 | टाळा |
| लाभ | 01:40 – 03:15 | शुभ |
| उद्वेग | 03:15 – 04:49 | टाळा |
| शुभ | 04:49 – 06:24 | शुभ |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.