दैनिक पंचांग
मंगळवार, 20 ऑक्टोबर 2026
New Delhi, Delhi, India · Asia/Kolkata
पंचांगाची पाच अंगे
सूर्योदयाच्या वेळी; प्रत्येक अंग दाखवलेल्या वेळेपर्यंत असते.
| तिथी | शुक्ल नवमी, 12:50 पर्यंत नंतर शुक्ल दशमी, 21 ऑक्टोबर, 14:12 पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | श्रवण, 18:02 पर्यंत नंतर धनिष्ठा, 21 ऑक्टोबर, 19:48 पर्यंत |
| योग | शूल, 21 ऑक्टोबर, 00:50 पर्यंत नंतर गंड, 22 ऑक्टोबर, 00:33 पर्यंत |
| करण | कौलव, 12:50 पर्यंत नंतर तैतिल, 21 ऑक्टोबर, 01:36 पर्यंत नंतर गर, 21 ऑक्टोबर, 14:12 पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:24 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:46 |
| चंद्रोदय | 14:18 |
| चंद्रास्त | 21 ऑक्टोबर, 01:25 |
| सूर्य रास | तूळ |
| चंद्र रास | मकर |
हिंदू दिनदर्शिका
| पक्ष | शुक्ल |
|---|---|
| महिना (अमांत) | आश्विन |
| महिना (पौर्णिमांत) | आश्विन |
| विक्रम संवत | 2083 |
| शके | 1948 · पराभव |
शुभ आणि अशुभ वेळा
| राहू काळ | 14:56 – 16:21 |
|---|---|
| यमगंड | 09:15 – 10:40 |
| गुलिक काळ | 12:05 – 13:31 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:43 – 12:28 |
राहू काळ, यमगंड आणि गुलिक काळ प्रत्येकी दिनमानाचा आठवा भाग असतात आणि नव्या कामांच्या सुरुवातीसाठी परंपरेने टाळले जातात; दुपारच्या सुमाराचा अभिजित मुहूर्त शुभ असतो.
दिवसाचे चौघडिया
| रोग | 06:24 – 07:49 | टाळा |
|---|---|---|
| उद्वेग | 07:49 – 09:15 | टाळा |
| चर | 09:15 – 10:40 | सम |
| लाभ | 10:40 – 12:05 | शुभ |
| अमृत | 12:05 – 13:31 | शुभ |
| काळ | 13:31 – 14:56 | टाळा |
| शुभ | 14:56 – 16:21 | शुभ |
| रोग | 16:21 – 17:46 | टाळा |
रात्रीचे चौघडिया
| काळ | 17:46 – 19:21 | टाळा |
|---|---|---|
| लाभ | 19:21 – 20:56 | शुभ |
| उद्वेग | 20:56 – 22:31 | टाळा |
| शुभ | 22:31 – 00:06 | शुभ |
| अमृत | 00:06 – 01:40 | शुभ |
| चर | 01:40 – 03:15 | सम |
| रोग | 03:15 – 04:50 | टाळा |
| काळ | 04:50 – 06:25 | टाळा |
वेळा निवडलेल्या ठिकाणच्या स्थानिक घड्याळानुसार आहेत. गणना: निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, स्विस एफेमेरिस; सूर्योदय आणि सूर्यास्त सूर्याच्या वरच्या कडेनुसार, सामान्य अपवर्तनासह.